भारत में अं‍तरिक्ष प्रौद्यौगिकी कार्यक्रम एवं विकास ! bharat me antariksha karyakram avam prodyogiki



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भारत में अं‍तरिक्ष
प्रौद्यौगिकी कार्यक्रम एवं विकास

  • 15 अगस्‍त 1962 अं‍तरिक्ष
    अनुसंधान समिति का गठन हुआ।
  • भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की
    शुरूआत तिरूवंतपुरम से किया गया ।
  • 1965– अंतरिक्ष विज्ञान एवं
    प्रौद्योगिकी केन्‍द्र की स्‍थापना थुम्‍बा से हई।
  • 1967– उपग्रह संचार केन्‍द्र
    अहमदाबाद की स्‍थापना।
  • 15 अगस्‍त 1969– को ISRO का गठन विक्रम
    सारा भाई द्वारा किया गया ।
  • 1972– अंतरिक्ष आयोग एवं
    अंतरिक्ष विभाग की स्‍थापना हुई।
  • 19 अप्रैल 1975-
    आर्यभट्ट नाम प्रथम उपग्रह
    USSR बैकांनुर केन्‍द्र से प्रेक्षपित किया गया ।
  • 1979SLV-3 नामक पहला
    प्रक्षेपण यान से भास्‍कर प्रथम
    (I) का प्रक्षेपण किया गया ।
  • 1980 रोहिणी का प्रक्षेपण।
  • 1982 इन्‍सेक्‍ट IA प्रक्षेपण।
  • 1988IRS प्रथम सूदूर
    संवेदी उपग्रह प्रक्षेपण।
  • 2001GSLV सफल परीक्षण।
  • 2008– 22 अक्‍टूबर मिशन चन्‍द्रयान
    प्रथम की शुरूवात।
  • डीप Space प्रोग्राम की
    शुरूवात।
  • 2013– 5 नवंम्‍बर 2013 को  मंगलयान प्रथम सफल ।
  • 2014GSLV MK III सफल उड़ान
    (18/12/14)
  • 2016- 
  1. रियूजेबल स्‍पेश शटल पहला
    भारतीय स्‍पेश शटल।
  2.  PSLV 34 से 203 उपग्रह को अंतरक्षि में भेजा गया ।
  3. पहला स्‍केम जेट इंजन बना।
  4. GSLV-F05 स्‍वदेशी क्रायोजेनिक
    इंजन सफल उड़ान।

  • 2017- 
  1. 15 फरवरी 104 उपग्रह को अंतरिक्ष
    में भेजा गया । जो कि विश्‍व रिकोर्ड बन गया ।
  2. PSLV C37 Cartosat 2 ,INS-1A, जिसमें 101 नैनो सैटेलाइड
    एवं दो लघु उपग्रह-  
    INS-
    1A INS-1B, शामिल ।

  • 2019

चंद्रयान द्वीपीय को 22 जुलाई 2019
को
GSLV मार्क
3
M-1 श्रीहरिकोटा
आंध्रप्रदेश यह प्रोग्राम
आंशिक सफल ।

  • 2021-  

  1. गगनयान जो
    कि मानव रहित यान है।
  2. दिसम्‍बर 2020 गगनयान कार्यक्रम।
  3. जुलाई 2021 दूसरा मानव रहित।
  4. दिसम्‍बर 2021 में 3 मानव युक्‍त अंतरिक्‍त कार्यक्रम ।
  5. GSLV MK 3 द्वारा।
  6. 10000 करोड़ रूपये स्‍वीकृत।

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का सांगठनिक
ढांचा।

  • राष्‍ट्रीय प्राकृतिक संसाधन एजेंसी
    -बेंगलुरू
  • राष्‍ट्रीय दूर संवेदन एजेंसी हैदराबाद।
  • भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला -अहमदाबाद।
  • राष्‍ट्रीय रडार सुवधिा -गंडकी तिरूपति

राष्‍ट्रीय प्राकृतिक संसाधन एजेंसी
बेंगलुरू के अंतर्गत

  • विक्रम साराभाई अंतरित केन्‍द्र- तिरूवन्‍तंपुरम।
  • सतीश धवन अतंरिक्ष केन्‍द्र -श्री
    हरिकोटा
  • प्रधान नियंत्रण सुवधिा हासन , –भोपाल।
  • ISRO- बंगलूरू।
  • अतंरिक्ष उपयोग केन्‍द्र -अहमदाबाद।
  • द्रव प्रणोदक प्रणाली- तिरूअंतपुरम।
  • इसरो जड़त्‍वीय प्रणाली यूनिट -तिरूअनंतपुरम।

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