अभी तक के नये वायरसों की जानकारी , लक्षण , स्थिति को इस पोस्‍ट में देखेंगे। 

कोरोना वायरस CORONA VIRUS

कोरोना वायरस का सम्‍बन्‍ध वायरस के
ऐसे परिवार से है
, जिसके
संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्‍या हो सकती है। इसका
संक्रमण दिसम्‍बर 2019 में चीन के वुहान में शुरू हुआ था
, WHO के अनुसार
बुखार
, खांसी, सांस लेने
में तकलीफ इसके लक्षण हैं
, कोरोना वायरस
जिसे कोविड-19
COVID19 नाम दिया गया है।

 

naye virus ki jankari laksan stithi



बुनियादी स्‍वच्‍छता का ध्‍यान रखना
ही इस वायरस से बचाव है
, साबुन और
पानी से कम से कम 20 सेकण्‍ड के लिए अपने हाथों को बार
बार धोएं, हैंड
सैनिटाइजर व मास्‍क का प्रयोग करें
, 2 जून, 2020 तक इस वायरस
से विश्‍व में 3 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

इबोला वायरस

यह खरतरनाक वायरस है यह संक्रमण
जानवरों से फैलता है
, फिलहाल इसे
जड से खत्‍म करने के लिए कोई दवा नहीं बनाई जा सकी है
, इबोला
अफ्रीका के कुछ जानवरों से निकलने वाले कई स्‍त्राव के जरिए फैलता है। वर्ष 1976
में अफ्रीका में पहली बार इबोला संक्रमण सूडान कांगो का पता चला था।

 

स्‍वाइन फ्लू H1 N1

इन्‍फलूएंजा A , स्‍वाइन
फ्लू के एक प्रकार कहा जाता है
, जिसका मूल
अज्ञात है इसमें सामान्‍य एन्फ्लूएंजा के लक्षण ही दिखते हैं
, सूअर, फ्लू, जानवरों या
इंसानों के लिए घातक नहीं था
, लेकिन जब इस
विषाणु का उत्‍पिरवर्तन हुआ
, इसने
महामारी का रूप ले लिया था
, बुखार खांसी
सिर दर्द
, कमजोरी, और थकान, गले में
खराश
, नाक बहना आदि के रूप में इसके लक्षण
दिखते हैं

 

इसका उपचार किया जा स‍कता है, 2009-10 के दौरान यह
वायरस से 56 देशों में फैल था
, इससे छह
करोड़ से ज्‍यादा लोग प्रभावित हुए थे।

बर्ड फ्लू H5N1

एवियन इन्‍फ्लूएंजा वायरस बर्ड फ्लृ के नाम से
पॉपुलर है
. यह इंसानों और पक्षियों को अधिक
प्रभावित करता है
, बर्ड फ्लू
इंफेक्‍शन चिकन
, टर्की और
बतख की प्रजाति जैसे पक्षियों और पक्षियों की मौत तक हो सकती है
, इसे ठीक
करने के लिए आराम करना जरूरी है
, पोषक भोजन
करें
, अधिक तरल लें, संक्रमित व्‍यिक्‍त
को अलग रखने की सलाह दी जाती है।

 

जीका वायरस

यह वायरस डेंगू, मलेरिया और
चिकनगुनिया की ही तरह मच्‍छरों से फैलता है
, यह एक तरह
मच्‍छरों से फैलता है
, यह एक
प्रकार का एडीज मच्‍छर ही है मच्‍छरों के अलावा असुरक्षित शारीरिक सम्‍बन्‍ध और
संक्रमित खून से भी जीका बुखार या वायरस फैलता है।

 

2015-17 में सामने आया जीका वायरस 87
देशों में फैला
, दिक्षिणी
अमरीका और कैरेबियाई द्वीप को करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ था।

 

सार्स SARS

सिवियर, एक्‍यूट
रस्पिरेटरी सिंड्रोम सार्स कोरोना वायरस द्वारा जनित श्‍वसन से सम्‍बधित रोग है।
यह वायरस 2003 में चीन में फैला था 1500 से 2000 लोगों की जान गई थी।

निपाह वायरस

निपाह वायरस जनवरी से इंसानों केा
प्रेषित एक ऐसा वायरस है
, जो सांस की
गम्‍भीर और खतरनाक बीमारियों के साथ साथ संक्रमण से बीमारियों का प्रकार है यह
वायरस चमगादड़ और सूअरों को संक्रमित करता है यह संक्रमित चमगादड़ सूअर या मनुष्‍यों
से सीधे सम्‍पर्क के द्वारा फैल सकता है

 

भारत में यह संक्रमण संक्रमित
चमगादड़ो के मूत्र या लार के सम्‍पर्क में आने वाले फलों का सेवन मनुष्‍यों में
निपाह का कारण था
, यह वायरस
2018
-19 में भारत के केरल में 753 लोगों को
निगरानी में रखा गया था
,  जिनमें से 17 लोगों की मौत हो गई थी, इस वायरस की
पहचान 1998 में मलेशिया के कंपंग सुंगई निपा में हुई थी
, उस दौरान
सूअर इसके मेजबान थे।



इस पोस्‍ट मे हमने नये बीमारी फैलाने वाले वायरस की सूची देखी जिनकी स्‍थति एवं लक्षण को देखा। इसके अंतर्गत  कोरोना वायरस CORONA VIRUS इबोला वायरस स्‍वाइन फ्लू H1 Nबर्ड फ्लू H5N1 जीका वायरस सार्स SARS निपाह वायरस के बारे में जाना । 

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