Write a letter to Your father for informing about your hostel life.

Write a letter to Your father for informing about your hostel life.




You are Gopal, living at G-15, Gandhi marg, Durg. Your father is worried about your hostel life, studies and health. Write a letter informing him about your hostel life.

Gopal, G-15 Gandhi marg, Durg

5/1/2022

Dear
Father,

bests
regards

We
received your letter . You will be happy to know that I am happily here. My
health, studies, is going well. I have made friends with many good classmates
here in the hostel. Those who are of good nature, hardworking, and diligent. I
am new to college as well as new to hostel life. Still, everyone’s love is
received.

The
principal and professors of this college are all good. My Hustle Warden takes
full care of us. I have become the President of Junior Section in my hostel.
Along with this, some part has to be taken in other  management work of the hostel. But there is so
much paucity of time that it is not possible to participate in all the programs
of college life, reading is more,




studies
have also been enough, so I am not able to go anywhere. Life here is very busy,
every minute seems precious. Then there is also the competition of study among
the students of the hostel. Every student wants to surpass the other. In such a
situation, hard work is necessary. Only then can I pass in good grade. I assure
you that my result in the annual examination will be satisfactory.

In
the end, I would say don’t worry about my health and studies. All is well. Say
my warm greetings to the lovel Maa.

your affectionate,

Gopal, Durg




 

To,

Mr.
Dindayal Gupta,

District-
Bastar Jagdalpur.


अपने हॉस्‍टल जीवन की जानकारी देने पिता को पत्र ।  

पूज्‍य पिताजी,

सादर प्रणाम,

आपका पत्र मिला । आपको यह जानकार
प्रसन्‍नता होगी कि मैं यहां आनंद से हूं। मेरा स्‍वास्‍थ्‍य
, पढ़ाई, अच्‍छी चल रही है। मैं यहां होस्‍टल
में कई अच्‍छे सहपाठियों को मित्र बना चुका हूँ। 
जो अच्‍छे स्‍वाभाव
, के
परिश्रमी
, और अध्‍ययनशील हैं। मैं कॉलेज में अभी
नया हूं साथ ही होस्‍टल जीवन में भी नया हूं । फिर भी सबका स्‍नेह प्राप्‍त है। इस
कॉलेज के प्राचार्य और प्राध्‍यापक सभी अच्‍छे हैं । मेरे होस्‍टल वॉर्डन हमारा
पूरा ध्‍यान रखते हैं। मैं अपने हॉस्‍टल में जुनीयर सेक्‍सन का प्रेसिंडेट बन गया
हूं। 

साथ ही हॉस्‍टल के अन्‍य मैनेजमेंट में कुछ भाग भी लेना पड़ता है। पर समय का
इतना अभाव है कि कॉलेज जीवन के सभी कार्यक्रमों में भाग लेना संभव नहीं है पढ़ना अधिक
है पढ़ाई भी काफी हो चुकी है इसलिए मैं कहीं बाहर जा नहीं पाता। यहां का जीवन बड़ा
व्‍यस्‍थ है हर मिनट कीमती मालूम होता है। फिर हॉस्‍टल के छात्रों में अध्‍ययन की
प्रतियोगिता भी रहती है। हर छात्र दूसरे से आगे बढ़ जाना चाहता है। ऐसी हालत में
जी तोड़ परिश्रम आवश्‍यक है। तभी मैं अच्‍छी श्रेणी में उत्‍तीर्ण हो सकता हूं।
आपको विश्‍वास दिलाता हूं कि वार्षिक परीक्षा में मेरा परीक्षाफल्‍ संतोषजनक
रहेगा।

अंत में कहूंगा आप मेरी स्‍वास्‍थ्‍य
एवं पढ़ाई की चिंता न करें। सब कुशल मंगल है। पूजनीया माताजी को मेरा सादर प्रणाम
कहें।

आपका स्‍नेहकांक्षी,

गोपाल , दुर्ग

प्रति,

श्री दिनदयाल गुप्‍ता,

जिलाबस्‍तर जगदलपुर।

By Admin